आस्था

श्री बजरंग-बाण

श्री बजरंग-बाण

हितकारी ॥ सम्पूर्ण श्री बजरंग-बाण पाठ॥ ॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान । तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥श्री जय हनुमंत संत हितकारी । सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥ जन के काज बिलंब न कीजै । आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥ जैसे कूदि सिंधु …

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श्री हनुमानाष्टक

श्री हनुमानाष्टक

  ॥ श्री हनुमानाष्टक ॥ बाल समय रवि भक्षी लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो । देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो । को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥   …

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हनुमान चालीस, जय हनुमान ज्ञान गुन सागर

[lwptoc] [lwptoc] हनुमान चालीसा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।  बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार चौपाई  – जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।। रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। महाबीर बिक्रम बजरंगी। …

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श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा  श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा –  नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब । सन्त जनों के काज मे, करतीं नहीं विलम्ब ॥   जय जय जय विन्ध्याचल रानी । आदिशक्ति जग विदित भवानी ।। सिंहवाहिनी जय जग माता । जय जय जय त्रिभुवन सुखदाता ॥ कष्ट निवारिनि जय जग देवी । जय जय जय …

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