आरती संग्रह

श्री हनुमान जी की आरती

श्री हनुमान जी की आरती

॥ श्री हनुमान जी की आरती॥   ॥ आरती ॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥   जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई । संतन के प्रभु सदा सहाई ॥   दे वीरा रघुनाथ पठाए । लंका जारि सिया …

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मां अम्बे की आरती, अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्ग खप्पर वाली

मां अम्बे कि आरती अम्बे तू है जगदम्बे काली,   जय दुर्गे खप्पर वाली ।   तेरे ही गुण गाये भारती,   ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥     तेरे भक्त जनो पर, भीर पडी है भारी माँ ।   दानव दल पर टूट पडो, माँ करके सिंह सवारी ।   सौ-सौ …

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मां दुर्ग कि आरती, ॐ जय अम्बे गौरी

  मां दुर्ग की आरती ॐ जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥ मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥   ॥ ॐ जय अम्बे गौरी ॥   कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै …

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